कब्ज (Constipation): क्या आप रोज सुबह पेट साफ़ नहीं होने से परेशान हैं? जाने थायरॉइड के बारे में।
क्या आपको ऐसा लगता है कि
- पेट ठीक से साफ नहीं होता?
- सुबह उठते ही भारीपन और चिड़चिड़ापन रहता है?
- गैस, सिरदर्द, मुंह से बदबू या पिम्पल्स निकल रहे हैं?
अगर हां, तो यह कब्ज (Constipation) की निशानी हो सकती है। यह एक आम समस्या है, लेकिन लंबे समय तक बनी रहने पर यह कई गंभीर रोगों का कारण बन सकती है।
Constipation(कब्ज) क्या है? (What is Constipation)
जब मलत्याग (stool passing) नियमित न हो, मल सख्त और सूखा हो, और दिन की शुरुआत हल्केपन की बजाय भारीपन से हो, तो इसे कब्ज कहते हैं।
इसके लक्षण (Symptoms of Constipation)
- दिन में 3 बार से कम मल त्याग
- मल त्याग में कठिनाई या बहुत ज़ोर लगाना
- पेट में दर्द या ऐंठन
- गैस, भारीपन और डकारें
- भूख न लगना
- मुंह का स्वाद कड़वा होना
- स्किन संबंधी समस्याएँ (पिम्पल्स, झाइयां)
लोगों के सामान्य सवाल (Common Questions on Constipation)
Q1. क्या रोज पेट साफ़ न होना कब्ज है?
हां, अगर आप रोज़ प्राकृतिक रूप से मल त्याग नहीं कर पा रहे, तो यह कब्ज की शुरुआत हो सकती है।
Q2. क्या कब्ज सिर्फ बुजुर्गों को होती है?
नहीं, आजकल बच्चे, युवा, प्रेग्नेंट महिलाएं और बुजुर्ग – सभी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
Q3. क्या कब्ज से मोटापा, डायबिटीज और सिरदर्द हो सकता है?
जी हां। कब्ज शरीर में विषैले तत्वों (toxins) को रोककर कई रोगों की जड़ बन सकती है।
कब्ज के मुख्य कारण (Causes of Constipation)
- पानी की कमी
- फाइबर की कमी (हरी सब्जियां, फल)
- देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना
- तनाव, चिंता और डिप्रेशन
- शारीरिक सक्रियता की कमी (No physical activity)
- बार-बार चाय, कॉफी, फास्ट फूड का सेवन
- भोजन समय पर न करना
कब्ज (Constipation) के मुख्य प्रकार (Types of Constipation ):
1. तीव्र कब्ज (Acute Constipation)
विशेषता: अचानक और कुछ दिनों के लिए ही होती है।
कारण:
- खानपान में बदलाव
- तनाव या यात्रा
- दवा का असर
उपाय: पानी, फाइबर और कुछ घरेलू उपायों से जल्दी ठीक हो जाती है।
2. पुरानी कब्ज (Chronic Constipation)
विशेषता: हफ्तों या महीनों तक बनी रहती है।
लक्षण:
- नियमित रूप से पेट साफ न होना
- हर बार जोर लगाना
- भारीपन और गैस
कारण: - खराब जीवनशैली
- फाइबर की कमी
- शारीरिक सक्रियता की कमी
उपाय: - योग, आयुर्वेद और जीवनशैली में बदलाव आवश्यक है।
3. कार्यात्मक कब्ज (Functional Constipation)
विशेषता: जब आंतें और पाचन अंग शारीरिक रूप से ठीक होते हैं, लेकिन मल त्याग की प्रक्रिया ठीक से नहीं होती।
कारण:
- तनाव
- मल त्याग की इच्छा को रोकना
- समय पर शौच न जाना
उपाय: - समय पर शौच, मानसिक संतुलन और प्राणायाम से राहत मिलती है।
4. आंत्रज गति मंदता कब्ज (Slow Transit Constipation)
विशेषता: जब बड़ी आंत (colon) मल को धीरे-धीरे आगे बढ़ाती है।
कारण:
- मांसपेशियों की कमजोरी
- नसों की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी
उपाय: - चिकित्सा की सलाह जरूरी, लेकिन योग और विशेष आहार मदद कर सकते हैं।
5. मल अवरोध कब्ज (Outlet Obstruction Constipation)
विशेषता: मल त्याग के दौरान आखिरी हिस्से में अवरोध होता है, जिससे मल बाहर नहीं निकल पाता।
कारण:
- मलाशय (rectum) की मांसपेशियों की गड़बड़ी
- गुदा मार्ग में कोई रुकावट
उपाय: - चिकित्सा जांच, साथ में बायोफीडबैक थैरेपी, योग भी सहायक हो सकता है।
कब्ज के लिए योग – 100% असरदार योगासन
योग ना केवल शरीर को संतुलित करता है, बल्कि आंतों की गति को भी सक्रिय करता है।
1. पवनमुक्तासन (Pavanmuktasana)

गैस, अपच और कब्ज में तुरंत राहत देता है। रोज़ सुबह करें।
2. वज्रासन (Vajrasana)

भोजन के बाद 5-10 मिनट बैठने से पाचन क्रिया तेज़ होती है।
3. ताड़ासन (Tadasana)

शरीर को खिंचाव देकर आंतों की गति को बेहतर करता है।
4. हलासन (Halasana)

पुराने कब्ज में चमत्कारी योग। प्रशिक्षित योग शिक्षक की निगरानी में करें।
5. त्रिकोणासन (Trikonasana)

पाचन तंत्र को सक्रिय करता है, आंतों में रक्त संचार बढ़ाता है।
नोट: सुबह खाली पेट 30 मिनट योग अभ्यास करना सबसे लाभकारी होता है।
कब्ज के लिए आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic Remedies for Constipation)
1. त्रिफला चूर्ण
रात को सोते समय 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें।
2. गुनगुना पानी और नींबू
सुबह उठते ही एक ग्लास गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पिएं।
3. ईसबगोल (Isabgol)
रात को सोने से पहले 1-2 चम्मच ईसबगोल गुनगुने दूध या पानी के साथ लें।
4. घी और गर्म दूध
रात को सोते समय एक ग्लास गर्म दूध में एक चम्मच देसी घी डालकर पिएं।
5. हरीतकी (Haritaki)
पुराने कब्ज के लिए उत्तम औषधि मानी जाती है।
कब्ज से बचाव के घरेलू उपाय (Home Remedies & Prevention Tips)
- दिन में 8–10 गिलास पानी ज़रूर पिएं
- खाने में सलाद, फल, अंकुरित अनाज शामिल करें
- रिफाइंड, मैदा, फास्ट फूड से दूरी बनाएं
- भोजन एक समय पर करें और अच्छे से चबाकर खाएं
- देर रात तक मोबाइल या टीवी देखने से बचें
- तनाव को दूर रखें – ध्यान, प्राणायाम, सैर करें
- सुबह उठने के बाद कुछ मिनट मल त्याग के लिए समय निकालें
कब्ज को नजरअंदाज क्यों न करें?
अगर आप इसे नजरअंदाज करेंगे, तो यह हो सकते हैं:
- बवासीर (Piles)
- फिशर (Fissure)
- पेट की सूजन
- मुंह में बदबू, त्वचा रोग
- मानसिक तनाव और अनिद्रा
निष्कर्ष (Conclusion)
कब्ज कोई छोटी समस्या नहीं है, लेकिन योग और आयुर्वेद के नियमित प्रयोग से इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है। केवल दवा नहीं, जीवनशैली में बदलाव जरूरी है। शरीर को सुनिए, उसे समय दीजिए।
👉 याद रखें:
“रोज़ सुबह हल्का पेट = दिनभर हल्का मन और स्वस्थ जीवन”
Q: कब्ज में क्या खाना चाहिए?
फाइबर युक्त भोजन जैसे पपीता, चुकंदर, अंकुरित अनाज, दही, दलिया।
Q: कब्ज के लिए कौन सी चीज़ तुरंत राहत देती है?
गुनगुना पानी में नींबू और शहद, त्रिफला चूर्ण, पवनमुक्तासन।
Q: कब्ज को कितने समय में ठीक किया जा सकता है?
यदि आप योग, सही खानपान और आयुर्वेद को अपनाते हैं, तो 7-10 दिनों में सुधार महसूस होगा।
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