खासकर महिलाओं में, आजकल थायरॉयड(Thyroid) एक आम लेकिन गंभीर बीमारी बनती जा रही है, । जिसमें थकान, वजन बढ़ना या घटना, चिड़चिड़ापन — ये सब संकेत हो सकते हैं। जिससे इस बात की चिन्ता जरूर हो जाती है कि कहीं आपकी थायरॉयड ग्रंथि असंतुलित तो नहीं हो गई है। इस ब्लॉग में हम समझेंगे कि थायरॉयड क्या होता है, इसके प्रकार, लक्षण, कारण, बचाव के उपाय, साथ ही योग और आयुर्वेद के द्वारा इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।
थायरॉयड(Thyroid) क्या है?
थायरॉयड एक छोटी सी ग्रंथि होती है जो गर्दन के सामने हिस्से में स्थित होती है। यह ग्रंथि हार्मोन (T3 और T4) बनाती है, जो शरीर के मेटाबोलिज्म (ऊर्जा जलने की प्रक्रिया) को नियंत्रित करते हैं।
थायरॉयड(Thyroid) के प्रकार
1. हाइपोथायरॉयडिज्म (Hypothyroidism)
➤ शरीर में थायरॉयड हार्मोन की कमी हो जाती है।
➤ सामान्यतः वजन बढ़ता है, थकावट रहती है।
2.हाइपरथायरॉयडिज्म (Hyperthyroidism)
➤ हार्मोन की अधिकता हो जाती है।
➤ दिल की धड़कन तेज, वजन घटना, घबराहट आदि लक्षण मिलते हैं।
थायरॉयड(Thyroid) की पहचान कैसे करें? (लक्षण)
i. हर समय थकान महसूस होना
ii. अचानक वजन बढ़ना या घटना
iii. बालों का झड़ना
iv. चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन
v. याददाश्त कमजोर होना
vi. नींद ना आना
vii. गर्दन में सूजन (गॉइटर)
viii. मासिक धर्म में अनियमितता (महिलाओं में)
थायरॉयड(Thyroid) क्यों होता है?
i. अनुवांशिक कारण (Genetic)
ii. आयोडीन की कमी या अधिकता
iii. मानसिक तनाव
iv. हार्मोनल असंतुलन
v. खराब खान-पान
vi. नींद की कमी
थायरॉयड(Thyroid) से कैसे बचा जाए?
- तनाव को दूर रखें – नियमित योग करें
- संतुलित आहार लें जिसमें आयोडीन हो
- रात्रि में जल्दी सोना और पर्याप्त नींद लेना
- रिफाइंड शुगर और जंक फूड से दूरी
- रेगुलर हेल्थ चेकअप करवाएं
थायरॉयड के लिए योगासन (Asanas for Thyroid)
थायरॉयड ग्रंथि को एक्टिवेट और बैलेंस करने के लिए कुछ विशेष योगासन बेहद लाभकारी होते हैं। आइए जानते हैं कौन से योगासन क्यों करें:
1. सर्वांगासन (Shoulder Stand)
क्यों करें:
इस आसन में खून सिर की ओर जाता है जिससे थायरॉयड ग्रंथि सक्रिय होती है।

लाभ:
➤ थायरॉयड हार्मोन का स्राव संतुलित होता है
➤ मानसिक तनाव कम होता है
2. हलासन (Plow Pose)
क्यों करें:
गर्दन पर हल्का दबाव आता है जिससे ग्रंथि में रक्तसंचार सुधरता है।

लाभ:
➤ हाइपोथायरॉयड में विशेष लाभकारी
➤ नींद में सुधार, वजन नियंत्रण
3. मत्स्यासन (Fish Pose)
क्यों करें:
गर्दन को पीछे झुकाने से थायरॉयड पर स्ट्रेच आता है।

लाभ:
➤ थायरॉयड हार्मोन का स्राव नियमित
➤ फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है
4. भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama)
क्यों करें:
तनाव कम करने के लिए अत्यंत प्रभावी।

लाभ:
➤ थायरॉयड असंतुलन का मुख्य कारण तनाव को खत्म करता है
➤ मन शांत होता है
5. उज्जयी प्राणायाम (Ujjayi Breathing)
क्यों करें:
यह श्वास प्रणाली थायरॉयड ग्रंथि पर सीधा असर डालती है।

लाभ:
➤ थायरॉयड को शांत करता है
➤ हार्मोन बैलेंस करता है
आयुर्वेदिक उपाय थायरॉयड के लिए
आयुर्वेद में थायरॉयड को “Agnimandya” या “Galaganda” से जोड़ा जाता है। यहां कुछ प्रभावशाली आयुर्वेदिक उपाय हैं:
1. त्रिफला चूर्ण
➤ पाचन तंत्र को मजबूत करता है
➤ वजन कंट्रोल में मदद
2. अश्वगंधा चूर्ण या कैप्सूल
➤ थायरॉयड हार्मोन बैलेंस करता है
➤ स्ट्रेस कम करता है
3. गुग्गुलु (Kanchanar Guggulu)
➤ गले की सूजन और गॉइटर में लाभकारी
➤ हाइपोथायरॉयड में विशेष असरदार
4. ब्राह्मी और शंखपुष्पी
➤ मानसिक तनाव कम करने में मदद
➤ ध्यान शक्ति बढ़ती है
क्या खाएं, क्या न खाएं?
| खाएं: | न खाएं: |
| आयोडीन युक्त नमक | गोभी, ब्रोकोली (कच्चे) |
| मूंग दाल, ताजे फल, हरी सब्जियां | सोया प्रोडक्ट्स |
| अखरोट, बादाम | अधिक चीनी, मैदा |
| नारियल पानी, अलसी के बीज | प्रोसेस्ड और पैकेटेड फूड |
निष्कर्ष (Conclusion)
थायरॉयड एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली स्थिति है। यदि समय रहते सही कदम उठाए जाएं — जैसे योग, प्राणायाम, आयुर्वेदिक औषधियां और संतुलित जीवनशैली, तो इसे जड़ से नियंत्रित किया जा सकता है।
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FAQ
1. थायरॉयड को कंट्रोल करने के लिए कौन-कौन से योगासन सबसे प्रभावी हैं?
उत्तर:
थायरॉयड को नियंत्रित करने में सर्वांगासन, मत्स्यासन, हलासन, और उज्जयी प्राणायाम बहुत लाभदायक होते हैं क्योंकि ये गर्दन के आसपास रक्त संचार को बढ़ाते हैं और हार्मोन संतुलन में मदद करते हैं।
2. क्या आयुर्वेद से थायरॉयड की समस्या ठीक की जा सकती है?
उत्तर:
हां, आयुर्वेद में अश्वगंधा, गुग्गुलु, त्रिफला और ब्राह्मी जैसी जड़ी-बूटियों से थायरॉयड को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। ये प्राकृतिक रूप से हार्मोन बैलेंस करने और तनाव कम करने का कार्य करती हैं।
3. क्या थायरॉयड के मरीज रोज़ योग कर सकते हैं?
उत्तर:
हां, लेकिन योगासन डॉक्टर या प्रमाणित योग प्रशिक्षक की सलाह से करें। विशेषकर शुरुआत में हल्के आसनों से शुरुआत करना उचित होता है।
4. थायरॉयड किन-किन अंगों को प्रभावित करता है?
उत्तर:
थायरॉयड की समस्या मुख्यतः मेटाबोलिज्म को प्रभावित करती है, जिससे हार्ट, लिवर, दिमाग, मांसपेशियाँ और प्रजनन तंत्र पर असर पड़ सकता है।
5. थायरॉयड से बचने के लिए कौन-कौन सी आदतें अपनानी चाहिए?
उत्तर:
- आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग
- तनाव से दूर रहना
- नियमित योग और प्राणायाम
- हेल्दी डाइट (हरी सब्जियाँ, फल, अखरोट आदि)
- रात्रि में भरपूर नींद लेना
6. क्या थायरॉयड का इलाज सिर्फ योग और आयुर्वेद से संभव है?
उत्तर:
शुरुआती अवस्था में, हां — योग और आयुर्वेद काफी असरदार हो सकते हैं। लेकिन अगर थायरॉयड गंभीर हो जाए, तो डॉक्टरी इलाज भी आवश्यक होता है। holistic approach सबसे बेहतर होती है।
7. महिलाओं में थायरॉयड अधिक क्यों होता है?
उत्तर:
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव (जैसे पीरियड्स, प्रेगनेंसी, मेनोपॉज़) अधिक होते हैं, जिससे थायरॉयड ग्रंथि पर प्रभाव पड़ता है और इसकी समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है।
