आजकल की व्यस्त जीवनशैली, अनियमित खान-पान और तनाव के कारण गैस और अपच(Gas and Indigestion) जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। हालांकि, योग और आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर इन समस्याओं से प्राकृतिक रूप से राहत पाई जा सकती है। इसलिए आज हम इस ब्लॉग पोस्ट को योगा इक्सपर्ट की देखरेख में, उनके अनुभवों, कुछ प्रमाणिक पुस्तकों तथा आधुनिक रिसर्च के आधार पर सामान्य जानकारी हेतु लिख रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए आप हमारे अनुभवी योग टीचर्स से संपर्क कर सकते हैं।
गैस और अपच क्यों होते हैं? (मुख्य कारण)
1. अनियमित भोजन का समय
जब हम कभी भी कुछ भी खाने लगते हैं और भोजन का कोई समय तय नहीं होता, तो हमारा पाचन तंत्र भ्रमित हो जाता है। इससे अपच और गैस बनने लगती है।
2. तैलीय, मसालेदार और भारी भोजन
बहुत ज़्यादा तेल, घी और मसाले वाला खाना पेट में देर से पचता है और पाचन रसों को असंतुलित कर देता है, जिससे गैस और अपच की समस्या होती है।
3. बहुत जल्दी-जल्दी खाना खाना
भोजन को ठीक से चबाए बिना जल्दी-जल्दी खाने से हवा पेट में चली जाती है, जो आगे चलकर गैस का कारण बनती है। साथ ही पाचन एंज़ाइम भी ठीक से सक्रिय नहीं हो पाते।
4. शारीरिक गतिविधि की कमी (जैसे खाना खाकर तुरंत लेटना)
भोजन के बाद तुरंत लेटना या एक ही स्थान पर लंबे समय तक बैठे रहना पाचन को धीमा कर देता है। इससे भोजन पेट में सड़ने लगता है और गैस बनने लगती है।
5. मानसिक तनाव (Mental Stress)
तनाव, चिंता और अवसाद सीधे पेट और पाचन पर असर डालते हैं। जब मन अशांत होता है तो शरीर पाचन एंज़ाइम कम बनाता है, जिससे अपच और गैस होती है।
6. ज्यादा चाय-कॉफी और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
कैफीन, कोल्ड ड्रिंक्स और शराब जैसी चीजें पेट की अम्लता (acidity) बढ़ा देती हैं और गैस बनने लगती है।
7. कम पानी पीना
अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो भोजन ठीक से नहीं पचता और कब्ज, गैस व अपच(Gas and Indigestion) की समस्या उत्पन्न होती है।
8. खाने के साथ पानी पीना
भोजन के दौरान ज़्यादा पानी पीने से पाचन रस पतले हो जाते हैं, जिससे खाना सही तरह से नहीं पचता और पेट भारी लगने लगता है।
9. गलत खान-पान संयोजन (Food Combining Mistakes)
जैसे दूध के साथ नमक या फल के साथ भारी खाना — ये आयुर्वेद के अनुसार ‘विरुद्ध आहार’ कहलाते हैं और अपच व गैस का बड़ा कारण बनते हैं।
10. दवाइयों का साइड इफेक्ट
कुछ एलोपैथिक दवाएं, खासकर पेनकिलर, ऐंटीबायोटिक और एंटी-एसिड — पेट की प्राकृतिक पाचन क्रिया को बाधित करती हैं।
11. बासी या पैकेज्ड फूड खाना
प्रिज़र्वेटिव और बासी खाना पेट में विषैले तत्व पैदा करता है, जिससे पाचन बिगड़ जाता है।
इन सभी कारणों को जानकर आप अब यह समझ सकते हैं कि गैस और अपच(Gas and Indigestion) कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवनशैली की गड़बड़ी का परिणाम हैं।
और अच्छी बात ये है कि इसे योग और आयुर्वेद से आसानी से ठीक किया जा सकता है — बिना किसी दवाई के।
गैस और अपच के लिए प्रभावी योगासन
चलिए अब हम जानने की कोशिश करते हैं कि योग और आयुर्वेद की मदद से गैस और अपच(Gas and Indigestion) से मुक्ति कैसे प्राप्त करेंगे। पहले हम योगासन और फिर आयुर्वेदिक उपाय को जानेगे।
1. पवनमुक्तासन (Wind-Relieving Pose)
लाभ: यह आसन पेट में फंसी गैस को बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन को सुधारता है।
कैसे करें:
- पीठ के बल लेट जाएं।
- दोनों घुटनों को मोड़कर छाती की ओर लाएं।
- हाथों से घुटनों को पकड़ें और सिर को उठाकर घुटनों से मिलाएं।
- 20-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और गहरी सांस लें।

2. झुलन लुढ़कनासन(Jhulana Lurhakanasana)
लाभ: यह आसन पाचन अंगों की मालिश करता है और गैस को बाहर निकालने में सहायक है।
कैसे करें:
- पीठ के बल लेट जाएं।
- दोनों घुटनों को मोड़कर छाती की ओर लाएं।
- हाथों से घुटनों को पकड़ें और धीरे-धीरे शरीर को आगे पीछे फिर दायें-बायें रोल करें।
- 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।

3. मार्जरी आसन (Cat-Cow Pose)
लाभ: यह आसन रीढ़ की लचीलापन बढ़ाता है और पाचन अंगों की मालिश करता है।
कैसे करें:
- हाथों और घुटनों के बल आ जाएं।
- सांस लेते हुए पीठ को नीचे की ओर झुकाएं और सिर को ऊपर उठाएं (Cow Pose)।
- सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर उठाएं और सिर को नीचे झुकाएं (Cat Pose)।
- इस प्रक्रिया को 1-2 मिनट तक दोहराएं।

4. बालासन (Child’s Pose)
लाभ: यह आसन पेट पर हल्का दबाव डालता है, जिससे गैस और अपच में राहत मिलती है।
कैसे करें:
- घुटनों के बल बैठें और शरीर को आगे की ओर झुकाएं।
- हाथों को आगे की ओर फैलाएं और माथे को जमीन पर रखें।
- 1-2 मिनट तक इस स्थिति में रहें और गहरी सांस लें।
5. अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half Lord of the Fishes Pose)
लाभ: यह आसन पाचन अंगों को उत्तेजित करता है और गैस को बाहर निकालने में मदद करता है।
कैसे करें
- पैरों को सामने फैलाकर बैठें।
- दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर के बाहर रखें।
- बाएं हाथ को दाएं घुटने के बाहर रखें और शरीर को दाईं ओर मोड़ें।
- 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और फिर दूसरी ओर दोहराएं।

गैस और अपच के लिए आयुर्वेदिक उपाय
1. सौंफ (Fennel Seeds)
लाभ: सौंफ पाचन को सुधारती है और गैस को कम करती है।
उपयोग: भोजन के बाद 1 चम्मच सौंफ चबाएं या सौंफ की चाय बनाकर पिएं।
2. अजवाइन (Carom Seeds)
लाभ: अजवाइन गैस और अपच में राहत देती है।
उपयोग: 1 चम्मच अजवाइन को गर्म पानी के साथ सेवन करें।
3. अदरक (Ginger)
लाभ: अदरक पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है और गैस को कम करता है।
उपयोग: अदरक की चाय बनाकर दिन में 2-3 बार पिएं।
4. त्रिफला (Triphala)
लाभ: त्रिफला पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज को दूर करता है।
उपयोग: रात को सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ लें।
5. नींबू पानी (Lemon Water)
लाभ: नींबू पानी शरीर को डिटॉक्स करता है और पाचन में सुधार करता है।
उपयोग: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएं।
पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए आहार संबंधी सुझाव
- फाइबर युक्त आहार: फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें।
- प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ: दही, छाछ और किमची जैसे खाद्य पदार्थ पाचन में सहायक होते हैं।
- पर्याप्त जल सेवन: दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
- भोजन के बाद टहलना: भोजन के बाद 10-15 मिनट की हल्की सैर पाचन को सुधारती है।
निष्कर्ष
गैस और अपच(Gas and Indigestion) जैसी समस्याएं आम हैं, लेकिन योग और आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर इनसे प्राकृतिक रूप से राहत पाई जा सकती है। नियमित योग अभ्यास, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सेवन करें। और संतुलित आहार पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। यदि समस्याएं बनी रहती हैं, तो आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें। क्या आप मधुमेह या डायबिटीज के बारे में जानना चाहते हैं ?
नोट: यह ब्लॉग पोस्ट केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
Ans. गैस और अपच के घरेलू इलाज में सौंफ, अजवाइन, त्रिफला चूर्ण, अदरक का रस, और गर्म पानी पीना प्रमुख हैं। साथ ही, खाने के बाद थोड़ी देर टहलना भी फायदेमंद होता है।
Ans. पवनमुक्तासन, वज्रासन, भुजंगासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन और अपानासन – ये योगासन पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं और गैस से तुरंत राहत देते हैं।
Ans. हाँ, आयुर्वेद में आहार-विहार और हर्बल औषधियों के ज़रिए गैस और अपच(Gas and Indigestion) का स्थायी समाधान है। त्रिफला, हिंगवष्टक चूर्ण, अविपत्तिकर चूर्ण आदि इसके लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं।
Ans. अजवाइन और काला नमक को गुनगुने पानी के साथ लेना, या अदरक और नींबू का मिश्रण पीना, गैस से तुरंत राहत दिलाता है।
Ans. जी हाँ, तनाव और चिंता पाचन एंज़ाइम्स को प्रभावित करते हैं जिससे भोजन ठीक से नहीं पचता और गैस बनने लगती है।
Ans. भोजन के बाद केवल वज्रासन ही करना चाहिए, जो पाचन को तेज करता है और गैस बनने से रोकता है।
Ans. यदि आप लगातार गैस, जलन, डकार और भारीपन महसूस कर रहे हैं, तो यह पाचन तंत्र की गहरी समस्या या लीवर से संबंधित रोग का संकेत हो सकता है। डॉक्टर या वैद्य से सलाह अवश्य लें।
Ans. हाँ, सुबह खाली पेट योग करने से पेट साफ होता है, पाचन क्रिया सक्रिय होती है और दिनभर गैस या अपच की समस्या नहीं होती।
Ans. हल्का, सादा, सुपाच्य भोजन जैसे मूंग की दाल, सब्ज़ी, घी-युक्त रोटी, छाछ, और हर्बल चाय लें। तले हुए, बासी, और फास्ट फूड से बचें।
Ans. हाँ, जैसे हिंगवष्टक चूर्ण या त्रिफला चूर्ण को उचित मात्रा में रोज़ लेने से गैस और कब्ज की समस्या दूर रहती है। लेकिन किसी प्रमाणित वैद्य से परामर्श अवश्य लें।
